- हजारीबाग और आसपास का क्षेत्र तो अफीम उत्पादन के लिऐ सवर्ग है ही लेकिन ईसमे सबसे बड़ा योगदान फौरेसट विभाग का है । जिसके देख रेख में अफीम की खेती जंगलों के बीच में पनप रहा है । और ईसके आका बन बैठे हैं फौरेसट अधिकारी । साहब लोग जगल और जगली जानवरो और खैर की लकड़ी का तो शौदा करते ही थे अब अफीम की खेती से भी अकुत कमाई हो रही है। हजारीबाग आज के डेट मे नशे के तसकरो का जननत है ।साथ ही यहा कि नयी पीढी तेजी से नशे का शीकार बन रही है । पिछले दिनों कुछ नशे के शौदागर पकड़े जरूर गये थे पर वो तो बस मोहरे थे राजा और वजीर सफेद पोश बन मजे मार रहे है ।और कुछ लोगों का पौकेट गरम कर रहे है । ऐ लोग साहब के घर का सारा खर्च उठाते हैं यहा तक की साहब के घर मे जो शादी होती है वो भी ऐ सफेद पोश उठाते हैं ।जैसा कि पीछले दिनो हजारीबाग के एक फौरेसट अधिकारी के बच्चे के शादी में देखा गया भाई गजब की शाही शादी थी ।
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