
भारतीय सेना के एक अधिकारी के पास अकुत धन मीला गीनते गीनते मशीने थक गयी ।
ऐ पैसा आया कहा से कही ऐसा तो नही साहब देश को बेच रहे थे धीरे धीरे । कही ऐसा तो नही कि सेना मे पाकिस्तानीयो को भरती करने के बदले में ऐ पैसा मीला । साहब के विदेशी बैंकों में कितना धन जमा है । सब जाच का विषय है । साहब के साथ और कितने लोग ईस नेटवर्क मे जुड़े हैं ।



