
हजारीबाग के सदर अंचल औफिस मे जनता को अधिकारी कोई भैलु नही देते है और ना उसका काम करते हैं । वही वहा ऐकटिव दलालो के लिऐ सारे रास्ते खुले है वो जिस अधिकारी से जब चाहे मील सकता है कोई रोक टोक नही है कारण है ईनके दोवारा अंचल औफिस के अधिकारीयो को पैसा मीलना । C.I अरूण जी का एक ऐकटिव दलाल है सुभाष और एक करमचारी का ऐकटिव दलाल है रंजीत ईनकी पैठ ऐसी है C.O साहब के पास कि ईसके बिना किसी का कोई काम नही हो सकता । C.O साहब को ईसकी सुचना देने के बाद भी ईन ऐकटिव दलालो पर कोई कार्रवाई नहीं हुई । ऐसा महसूस होता है कि जब तक वर्तमान C.O साहब है ऐ खेल चलता रहेगा और जनता लुटती रहेगी और ईन अधिकारी गण का तिजोरी भरता रहेगा । जिले के S.D.M साहब और D.C साहब ईस खेल को आप बंद करवाऐ । और C.O साहब और C.I साहब की बैक बायलेनस और चल अचल संपत्ति की जांच कराई जाऐ ।



