
हजारीबाग शहर और गाँव देहात ईस समय शीमला बन चुका है । हजार बागो का शहर का मौसम आज यह कह रहा है कि कोलड वार से बचना है तो बिना मतलब के घर से बाहर मत निकलो ।
ईस समय हजारीबाग प्रशासन की तरफ से समुचीत रैन बसेरा और अलाव कि वयवस्था होनी चाहिए थी जो नही हो पायी है । पुलिस जो रातो को गसती पर रहते हैं उनके लिऐ भी समुचीत वयवस्था सरकार के दोवारा नही है ।
सरकार से निवेदन है कि शीर्घ गरिबो के लिऐ अलाव और रैनबसेरा का उपाय करे ।


